
BH Series Number Plate Apply: आज के समय में नौकरी और काम के कारण लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना आम बात हो गई है। खासकर सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, डिफेंस सर्विस से जुड़े लोग या बड़ी प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स को अक्सर ट्रांसफर का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति अपनी निजी कार लेकर दूसरे राज्य जाता है, तो वहां दोबारा वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना, रोड टैक्स भरना और NOC लेना एक बड़ा झंझट बन जाता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने BH Series नंबर प्लेट की शुरुआत की।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि BH Series नंबर प्लेट क्या होती है, कौन इसे लगवा सकता है, इसकी पात्रता क्या है, इसके फायदे, खर्च और पूरा रजिस्ट्रेशन प्रोसेस क्या है। अगर आप भी नई कार लेने की सोच रहे हैं या अक्सर राज्यों के बीच सफर करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की है।
BH Series नंबर प्लेट क्या है?
BH का पूरा नाम Bharat Series है, यानी भारत सीरीज नंबर प्लेट। यह एक खास तरह की वाहन नंबर प्लेट है जो पूरे भारत में मान्य होती है। BH सीरीज की शुरुआत साल 2021 में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत की गई थी।
इस नंबर प्लेट का सबसे बड़ा उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिनकी नौकरी ट्रांसफर वाली होती है या जिन्हें काम के कारण बार-बार अलग-अलग राज्यों में जाना पड़ता है। अगर आपकी गाड़ी पर BH नंबर प्लेट लगी है, तो आपको दूसरे राज्य में जाने पर वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता।
BH नंबर प्लेट का फॉर्मेट:
BH सीरीज का नंबर कुछ इस तरह होता है: XX BH YYYY AA
- XX – रजिस्ट्रेशन का साल (जैसे 22, 23)
- BH – भारत सीरीज
- YYYY – यूनिक नंबर
- AA – अल्फाबेटिक सीरियल
BH Series नंबर प्लेट कौन लगवा सकता है? (Eligibility Criteria)
यह जानना बहुत जरूरी है कि BH सीरीज नंबर प्लेट हर किसी को नहीं मिलती। सरकार ने इसके लिए कुछ खास पात्रता शर्तें तय की हैं।
1. सरकारी कर्मचारी
- केंद्र सरकार के कर्मचारी
- राज्य सरकार के कर्मचारी
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में काम करने वाले लोग
2. रक्षा कर्मी
- भारतीय सेना
- नौसेना
- वायु सेना
3. बैंक कर्मचारी
- सरकारी या मान्यता प्राप्त बैंकों में कार्यरत कर्मचारी
4. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी
- ऐसी प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी
- जिनकी कंपनी के ऑफिस कम से कम 4 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में रजिस्टर्ड हों
5. अन्य पात्र लोग
- प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े अधिकारी
BH Series के लिए जरूरी शर्तें
BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य शर्तें भी पूरी करनी होती हैं:
- रोजगार का प्रमाण – कर्मचारी ID, नियुक्ति पत्र या वर्क सर्टिफिकेट
- भारत का स्थायी पता
- वाहन का प्रकार – यह सुविधा मुख्य रूप से निजी वाहनों (कार/दो पहिया) के लिए है
- बस, टैक्सी, ट्रक जैसे ट्रांसपोर्ट वाहनों पर यह लागू नहीं होती
BH Series नंबर प्लेट के क्या फायदे हैं?
BH सीरीज नंबर प्लेट लेने का सबसे बड़ा फायदा सुविधा और झंझट से मुक्ति है।
- पूरे भारत में मान्य: BH नंबर प्लेट वाली गाड़ी को आप किसी भी राज्य में चला सकते हैं, बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन के।
- ट्रांसफर पर कोई टेंशन नहीं: नौकरी के कारण अगर आपका ट्रांसफर दूसरे राज्य में हो जाता है, तो आपको NOC या नया RC बनवाने की जरूरत नहीं।
- रोड टैक्स में राहत: BH सीरीज में आपको रोड टैक्स एक साथ 15 साल के लिए नहीं देना पड़ता। आप इसे हर 2 साल या 4, 6, 8 साल के ब्लॉक में भर सकते हैं। इससे आर्थिक बोझ कम हो जाता है।
- समय और कागजी प्रक्रिया की बचत: बार-बार RTO के चक्कर और लंबी कागजी प्रक्रिया से छुटकारा मिलता है।
BH Series नंबर प्लेट के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
BH नंबर प्लेट लगवाने के लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं, जो आमतौर पर डीलरशिप आपके behalf पर जमा करती है।
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- कर्मचारी ID कार्ड
- सरकारी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र
- प्राइवेट कर्मचारियों के लिए HR द्वारा साइन किया हुआ Form-60 / वर्क सर्टिफिकेट
- वाहन की खरीद रसीद
- इंश्योरेंस पेपर
BH Series नंबर प्लेट में कितना खर्च आता है?
H Series (BH Series) नंबर प्लेट का खर्च वाहन की कीमत और ईंधन के प्रकार पर निर्भर करता है। पेट्रोल वाहनों के लिए 10 लाख रुपये तक की कीमत पर रोड टैक्स 8%, 10 से 20 लाख रुपये के बीच 10%, और 20 लाख रुपये से अधिक कीमत पर 12% लिया जाता है।
डीजल वाहनों पर यही टैक्स पेट्रोल वाहनों की तुलना में 2% अधिक होता है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू टैक्स से 2% कम शुल्क लिया जाता है। आप यह रोड टैक्स 2 साल या उसके गुणकों (4, 6, 8 साल) के लिए एक साथ जमा कर सकते है। हालांकि वाहन के 14 साल पूरे होने के बाद यह टैक्स हर साल देना पड़ता है।
BH Series नंबर प्लेट के लिए आवेदन प्रक्रिया (Registration Process)
यदि आप BH (Bharat Series) के लिए पात्र हैं, तो इसकी आवेदन प्रक्रिया काफी सरल है।
स्टेप 1: पात्र आवेदक वाहन डीलर के माध्यम से, या स्वयं VAHAN Portal / MoRTH वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर डीलरशिप आपकी ओर से Form 20 ऑनलाइन जमा करती है।
स्टेप 2: आवेदन के दौरान पहचान और पते के प्रमाण, नौकरी से जुड़े दस्तावेज तथा वाहन से संबंधित आवश्यक कागज़ात ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं।
स्टेप 3: आवेदक को रोड टैक्स का भुगतान ऑनलाइन करना होता है, जो आमतौर पर 2 साल या उससे अधिक अवधि के लिए जमा किया जाता है।
स्टेप 4: सभी विवरण सत्यापित होने और आवेदन स्वीकृत होने के बाद BH सीरीज का रजिस्ट्रेशन नंबर अलॉट कर दिया जाता है।
स्टेप 5: BH नंबर अलॉट होने के बाद अधिकृत वेंडर या डीलर के माध्यम से BH सीरीज नंबर प्लेट बनवाकर वाहन पर लगवाई जाती है।
BH Series नंबर प्लेट से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या BH Series नंबर प्लेट हर कोई लगवा सकता है?
नहीं, BH Series नंबर प्लेट हर किसी के लिए नहीं है। यह सुविधा केवल सरकारी कर्मचारी, रक्षा कर्मी, बैंक कर्मचारी और उन प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को मिलती है, जिनकी कंपनी के ऑफिस कम से कम 4 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हैं।
2. क्या BH Series नंबर प्लेट कमर्शियल वाहनों के लिए मिलती है?
नहीं, BH Series नंबर प्लेट मुख्य रूप से निजी वाहनों के लिए है। बस, टैक्सी, ट्रक और अन्य ट्रांसपोर्ट कमर्शियल वाहनों पर यह लागू नहीं होती।
3. क्या इलेक्ट्रिक वाहन पर BH Series नंबर प्लेट मिल सकती है?
हाँ, इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी BH Series नंबर प्लेट मिलती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स में करीब 2% की छूट भी मिलती है।
4. क्या BH Series नंबर प्लेट पुरानी गाड़ी पर लगवाई जा सकती है?
आमतौर पर BH Series नंबर प्लेट नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय ही ली जाती है। कुछ राज्यों में पुरानी गाड़ी को BH में बदलने की सुविधा सीमित रूप से उपलब्ध है, लेकिन इसके नियम राज्य अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
5. BH Series नंबर प्लेट के लिए आवेदन कहां किया जाता है?
BH Series नंबर प्लेट के लिए आवेदन आप VAHAN पोर्टल के जरिए ऑनलाइन कर सकते हैं या फिर वाहन खरीदते समय डीलरशिप आपकी ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर देती है।
6. क्या BH Series नंबर प्लेट लेने पर रोड टैक्स सस्ता हो जाता है?
BH Series में रोड टैक्स में कोई बड़ी छूट नहीं मिलती, लेकिन फायदा यह है कि आपको पूरा टैक्स एक बार में नहीं देना पड़ता। इससे आपकी जेब पर तुरंत बोझ नहीं पड़ता।
7. अगर नौकरी बदल जाए या पात्रता खत्म हो जाए तो क्या होगा?
अगर बाद में आपकी नौकरी बदल जाती है, तो आमतौर पर पहले से लगी BH Series नंबर प्लेट वैध रहती है। हालांकि, नियमों में बदलाव की स्थिति में संबंधित RTO के निर्देश मानने होते हैं।
8. क्या BH Series नंबर प्लेट पूरे भारत में वैध है?
हाँ, BH Series नंबर प्लेट पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी तरह वैध है।
9. BH Series नंबर प्लेट लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
BH Series लेने से पहले अपनी पात्रता जरूर जांच लें, सही डॉक्यूमेंट तैयार रखें और रोड टैक्स के नियम अच्छे से समझ लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
10. BH Series नंबर प्लेट किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है?
BH Series नंबर प्लेट उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिनकी नौकरी ट्रांसफर वाली है या जिन्हें अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच यात्रा करनी पड़ती है। यह न सिर्फ समय और मेहनत बचाती है, बल्कि बार-बार रजिस्ट्रेशन और टैक्स की झंझट से भी राहत देती है।
अगर आप सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, डिफेंस पर्सनल या बड़ी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और नई गाड़ी लेने की योजना बना रहे हैं, तो BH Series नंबर प्लेट आपके लिए एक स्मार्ट और सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकती है।
















