RC Transfer Status: गाड़ी आपके नाम हुई या नहीं, ऐसे करें ऑनलाइन चेक

क्या आपने हाल ही में बाइक या कार बेची या खरीदी है? अगर हाँ, तो सिर्फ कागज़ पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। कई लोगों को बाद में पता चलता है कि RC अभी भी पुराने मालिक के नाम पर है, जिससे चालान, कानूनी नोटिस और पुलिस कार्रवाई तक का खतरा बन जाता है।…



गाड़ी का RC ट्रांसफर स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
गाड़ी का RC ट्रांसफर स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?

RC Transfer Status Check: आज के समय में सेकेंड-हैंड बाइक या कार खरीदना और बेचना बहुत आम बात हो गई है। लेकिन गाड़ी खरीदने या बेचने के बाद सबसे जरूरी काम होता है RC (Registration Certificate) का ट्रांसफर। अगर RC सही तरीके से ट्रांसफर नहीं हुई, तो भविष्य में कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि RC ट्रांसफर स्टेटस कैसे चेक करें और यह प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ चुकी है।

इस लेख में हम आपको आसान और सरल भाषा में बताएंगे कि RC ट्रांसफर स्टेटस क्या होता है, इसे ऑनलाइन कैसे चेक करें, RC कितनी बार ट्रांसफर हो सकती है और साथ ही दिल्ली समेत भारत के अन्य राज्यों में लागू नए नियमों की जानकारी भी देंगे।


RC Transfer Status क्या होता है?

जब आप अपनी बाइक या कार किसी और को बेचते हैं, तो उसकी मालिकाना हक (Ownership) बदल जाती है। इस बदलाव को सरकारी रिकॉर्ड में अपडेट करने की प्रक्रिया को RC ट्रांसफर कहा जाता है।

RC Transfer Status का मतलब होता है – आपकी RC ट्रांसफर की प्रक्रिया अभी किस स्टेज पर है। जैसे:

  • आवेदन स्वीकार हुआ या नहीं
  • दस्तावेज़ वेरिफिकेशन पूरा हुआ या नहीं
  • RC अप्रूव हुई या पेंडिंग है

आमतौर पर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद RC ट्रांसफर होने में लगभग 20 से 30 दिन लग जाते हैं। लेकिन कई बार RTO में काम का बोझ होने के कारण इसमें थोड़ा ज्यादा समय भी लग सकता है।


RC ट्रांसफर स्टेटस चेक करना क्यों जरूरी है?

बहुत से लोग गाड़ी बेचने के बाद यह मान लेते हैं कि काम पूरा हो गया, लेकिन अगर RC ट्रांसफर नहीं हुई तो:

  • चालान या एक्सीडेंट की जिम्मेदारी पुराने मालिक पर आ सकती है
  • कानूनी नोटिस या पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है
  • इंश्योरेंस क्लेम में समस्या आ सकती है

इसीलिए समय-समय पर RC Transfer Status Online Check करना बहुत जरूरी होता है।


RC Transfer Status Online कैसे चेक करें? (Step by Step)

भारत सरकार ने ऑनलाइन किसी भी वाहन के आरसी हस्ताक्षरण की स्थिति जांचने की प्रक्रिया बहुत आसान बना दी है। आप घर बैठे Parivahan Sewa Portal के जरिए RC ट्रांसफर स्टेटस देख सकते हैं।

तरीका 1: आवेदन संख्या (Application Number) से RC स्टेटस चेक करें

यह तरीका सबसे सटीक माना जाता है।

Step 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउज़र खोलें और जाएं https://parivahan.gov.in/parivahan/

Step 2: होमपेज पर ऊपर दिए गए “Online Services” ऑप्शन पर क्लिक करें।

Step 3: अब “Vehicle Related Services” चुनें।

Step 4: यहां आपको अपना राज्य (State) चुनना होगा, जहां से गाड़ी रजिस्टर है।

Step 5: इसके बाद अपना संबंधित RTO (Regional Transport Office) चुनें और “Proceed” पर क्लिक करें।

Step 6: अब ऊपर दिए गए “Status” मेन्यू में जाएं और “Know Your Application Status” पर क्लिक करें।

Check RC Transfer Status

Step 7: अपना RC Application Number और कैप्चा भरें, फिर “Submit” पर क्लिक करें।

सबमिट करते ही आपकी स्क्रीन पर RC Transfer Status दिख जाएगा।


तरीका 2: रजिस्ट्रेशन नंबर से वाहन की जानकारी देखें

अगर आपके पास आवेदन संख्या नहीं है, तो आप सामान्य जानकारी रजिस्ट्रेशन नंबर से भी देख सकते हैं।

Step 1: Parivahan पोर्टल पर जाएं।

Step 2: “Online Services” > “Vehicle Related Services” चुनें।

Step 3: राज्य और RTO चुनने के बाद “Information Services” सेक्शन में जाएं।

Step 4: “Know Your Vehicle Details” पर क्लिक करें।

check by vehicle number

Step 5: अपनी गाड़ी का Registration Number और कैप्चा डालें।

इससे आपको गाड़ी का बेसिक विवरण मिलेगा, हालांकि इसमें ट्रांसफर की पूरी प्रगति हमेशा नहीं दिखती।


RC ट्रांसफर के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी होते हैं?

RC ट्रांसफर आवेदन करते समय आमतौर पर ये दस्तावेज़ लगते हैं:

  • Form 29 और Form 30
  • पुराने RC की कॉपी
  • खरीदार और विक्रेता का ID प्रूफ
  • एड्रेस प्रूफ
  • इंश्योरेंस कॉपी
  • PUC सर्टिफिकेट

अगर दस्तावेज़ पूरे नहीं होंगे, तो RC ट्रांसफर स्टेटस “Pending” में अटक सकता है।


दिल्ली में RC ट्रांसफर को लेकर नया नियम क्या है?

दिल्ली सरकार ने हाल ही में सेकेंड-हैंड वाहनों को लेकर नियम और सख्त कर दिए हैं। नया नियम क्या कहता है?

  • गाड़ी बेचने या खरीदने के बाद 15 दिनों के भीतर RC ट्रांसफर कराना अनिवार्य होगा
  • तय समय में ट्रांसफर न कराने पर पुलिस कार्रवाई हो सकती है
  • इसका मकसद पुराने वाहनों की ट्रेसबिलिटी बढ़ाना और सुरक्षा से जुड़ी खामियों को कम करना है

यह नियम भविष्य में अन्य राज्यों में भी सख्ती से लागू हो सकता है, इसलिए समय पर RC ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है।


RC ट्रांसफर स्टेटस चेक करने के फायदे

  • कानूनी सुरक्षा बनी रहती है
  • भविष्य में चालान या केस से बचाव
  • गाड़ी के असली मालिक की पहचान साफ रहती है
  • इंश्योरेंस और अन्य सेवाओं में परेशानी नहीं होती

Frequently Asked Questions (FAQ)

1. RC ट्रांसफर होने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर RC ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने में 20 से 30 दिन का समय लगता है। हालांकि, अगर दस्तावेज़ अधूरे हों या RTO में काम ज्यादा हो, तो इसमें थोड़ा अधिक समय भी लग सकता है।


2. क्या बिना आवेदन संख्या के RC स्टेटस चेक किया जा सकता है?

हाँ, आप वाहन के Registration Number से गाड़ी का सामान्य विवरण देख सकते हैं। लेकिन RC ट्रांसफर की पूरी प्रगति जानने के लिए आवेदन संख्या होना ज्यादा सही और उपयोगी होता है।


3. RC कितनी बार ट्रांसफर की जा सकती है?

RC ट्रांसफर की कोई सीमा नहीं है। एक वाहन को जितनी बार बेचा जाएगा, उतनी बार उसकी RC ट्रांसफर की जा सकती है, बशर्ते हर बार निर्धारित फीस, कानूनी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़ पूरे किए जाएँ। बिना RC ट्रांसफर कराए गाड़ी बेचना या खरीदना कानूनन गलत माना जाता है।


4. RC ट्रांसफर नहीं हुआ तो क्या समस्या हो सकती है?

अगर RC ट्रांसफर नहीं होती है, तो:

  • ट्रैफिक चालान पुराने मालिक के नाम आ सकते हैं
  • एक्सीडेंट की स्थिति में कानूनी परेशानी हो सकती है
  • पुलिस या कोर्ट से नोटिस मिल सकता है

इसीलिए समय पर RC ट्रांसफर और उसका स्टेटस चेक करना बहुत जरूरी है।



5. RC ट्रांसफर स्टेटस “Pending” क्यों दिखाता है?

RC स्टेटस “Pending” तब दिख सकता है जब:

  • दस्तावेज़ अधूरे हों
  • फीस जमा न हुई हो
  • RTO में वेरिफिकेशन बाकी हो

ऐसी स्थिति में संबंधित RTO से संपर्क करना सही रहता है।

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