
Pollution Certificate (PUC) Apply 2026: अगर आपके पास Car, Bike, Scooter या कोई अन्य Motor Vehicle है तो आपने PUC Certificate यानी Pollution Under Control Certificate के बारे में जरूर सुना होगा। यह सर्टिफिकेट बताता है कि जांच के समय आपकी गाड़ी का उत्सर्जन निर्धारित Pollution Norms के अंदर है या नहीं। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र की जानकारी अब राष्ट्रीय स्तर पर VAHAN/PUCC सिस्टम से जोड़ी जाती है और इसका प्रमाणपत्र अधिकृत PUC Centre से जांच के बाद जारी किया जाता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि पॉल्यूशन सर्टिफिकेट कैसे बनता है, PUC बनवाने में कितना खर्च आता है, इसकी Validity कितने समय की होती है और प्रदूषण प्रमाण पत्र Expire होने के बाद क्या करना पड़ता है, तो यह पूरी जानकारी आपके लिए है।
PUC Certificate क्या होता है?
PUCC का पूरा नाम Pollution Under Control Certificate है। यह प्रमाणपत्र वाहन की Emission Testing के बाद जारी किया जाता है। PUC Centre पर वाहन की जांच करके यह देखा जाता है कि उससे निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा के अंदर है या नहीं।
भारत सरकार के अनुसार PUCC जारी करने के लिए देशभर में एक Standardised Certificate Format लागू किया गया है और PUC data को VAHAN database से link करने की व्यवस्था की गई है।
यानी PUC सिर्फ एक कागज नहीं है, बल्कि वाहन के Pollution Test का डिजिटल रिकॉर्ड भी VAHAN/PUCC system में दर्ज किया जाता है।
गाड़ी का PUC Certificate कैसे बनता है?
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आपको अपनी गाड़ी को किसी अधिकृत Pollution Checking Centre (PUC Centre) पर ले जाना होता है। इसे बनवाने की प्रक्रिया सामान्य तौर पर इस प्रकार होती है:
1. अधिकृत PUC Centre पर गाड़ी लेकर जाएं
सबसे पहले अपनी Car, Bike या अन्य वाहन को अधिकृत PUC Centre पर लेकर जाएं। PUC Centre अक्सर Fuel Station या अधिकृत Workshop आदि पर उपलब्ध होते हैं। अपने राज्य में उपलब्ध अधिकृत Centre की व्यवस्था राज्य परिवहन विभाग के अनुसार अलग हो सकती है।
2. Vehicle Registration Number की जांच होती है
PUC Testing के दौरान वाहन का Registration Number सिस्टम में दर्ज किया जाता है। वर्तमान PUCC व्यवस्था में वाहन की पहचान और Test Record को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाता है।
3. गाड़ी का Pollution Test किया जाता है
इसके बाद वाहन से निकलने वाले Emission की जांच की जाती है। वाहन के Fuel Type और लागू Emission Norms के अनुसार अलग-अलग Pollution Parameters की जांच की जा सकती है।
PUC system में emission readings को रिकॉर्ड किया जाता है और यदि वाहन निर्धारित सीमा के अंदर पाया जाता है तो PUCC जारी किया जाता है।
4. Test Pass होने पर PUC Certificate जारी होता है
अगर वाहन का Pollution Test निर्धारित मानकों के अनुसार सही रहता है तो PUC Certificate generate किया जाता है।
MoRTH के Standardised Form 59 के अनुसार PUC Certificate National Register of Motor Vehicles के माध्यम से system generated होता है।
अगर वाहन निर्धारित emission limits को पूरा नहीं करता है तो PUC जारी नहीं किया जा सकता और वाहन को आवश्यक जांच/repair के बाद दोबारा Test कराना पड़ सकता है।
पीयूसी बनवाने के लिए कौन-कौन से Documents चाहिए?
PUC Certificate बनवाने के लिए आम तौर पर आपको अलग से कई Documents जमा करने की जरूरत नहीं होती। वाहन की पहचान के लिए Vehicle Registration Number जरूरी होता है और PUC Centre पर वाहन का Emission Test किया जाता है।
हालांकि अलग-अलग राज्य या PUC Centre की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त requirements हो सकती हैं। इसलिए स्थानीय अधिकृत PUC Centre के निर्देशों को मानना चाहिए।
PUC Certificate बनवाने में कितना खर्च होता है?
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है कि PUC Certificate बनवाने में कितने रुपये लगते हैं?
इसकी कोई एक समान All India Fee बताना सही नहीं होगा, क्योंकि PUC testing charges राज्य/UT और वाहन की category के अनुसार अलग हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए, Delhi Transport Department की उपलब्ध fee notification में petrol/CNG/LPG 2 और 3-wheelers के लिए ₹60, petrol/CNG/LPG 4-wheelers और उससे ऊपर के लिए ₹80 तथा diesel vehicles के लिए ₹100 शुल्क बताया गया था, जिसमें GST अलग से लागू हो सकता है।
इसलिए अपने राज्य में वर्तमान PUC शुल्क जानने के लिए संबंधित Transport Department या अधिकृत PUC Centre की वर्तमान जानकारी देखना बेहतर है।
ध्यान दें: पुराने online articles में दिखाई देने वाली PUC Fee को अपने राज्य की वर्तमान Fee न मानें, क्योंकि राज्यों में शुल्क समय के साथ बदल सकता है।
PUC Certificate कितने समय तक Valid रहता है?
PUC की validity को लेकर काफी confusion रहता है।
Central Motor Vehicles Rules, 1989 के Rule 115(7) के अनुसार, वाहन के पहली बार Registration की तारीख से एक वर्ष पूरा होने के बाद वाहन के पास valid PUC Certificate होना चाहिए। सामान्य नियम के अनुसार PUC की validity 6 महीने है।
लेकिन Rule 115(7) के proviso के अनुसार BS-IV और BS-VI norms के अनुसार manufactured vehicles के लिए PUC validity 12 महीने है। MoRTH ने भी इस व्यवस्था को स्पष्ट किया है।
इसका आसान मतलब:
| Vehicle Category | PUC Validity |
|---|---|
| सामान्य लागू श्रेणी | 6 महीने |
| BS-IV Vehicle | 12 महीने |
| BS-VI Vehicle | 12 महीने |
हालांकि अपने वाहन के लिए सबसे सही जानकारी आपके जारी किए गए PUC Certificate पर लिखी “Validity Upto” date होती है।
नई गाड़ी का PUC (प्रदूषण सर्टिफिकेट) कब बनता है?
नई गाड़ी खरीदने के बाद PUC को लेकर अक्सर सवाल होता है कि तुरंत Pollution Certificate बनवाना पड़ेगा या नहीं।
Central Rule 115(7) के अनुसार, पहली Registration के बाद एक वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद वाहन को valid PUC Certificate carry करना होता है।
इसलिए नई गाड़ी खरीदने वाले व्यक्ति को अपने वाहन की Registration Date और लागू PUC requirement को ध्यान में रखना चाहिए।
पॉल्यूशन सर्टिफिकेट Expire होने के बाद क्या करें?
अगर आपकी गाड़ी का PUC Certificate Expire हो गया है तो नया PUC बनवाने के लिए वाहन को अधिकृत PUC Centre पर ले जाकर दोबारा Emission Test कराएं।
Test पास होने पर नया PUC Certificate generate किया जाता है।
PUC की validity खत्म होने का इंतजार करने के बजाय Certificate पर लिखी “Valid Upto” Date को देखकर समय पर Renewal करा लेना बेहतर है।
PUC सर्टिफिकेट Online कैसे Check करें?
PUC Certificate बनने के बाद उसकी details online भी check की जा सकती हैं।
इसके लिए official Parivahan PUC service में Registration Number और Chassis Number के आखिरी 5 characters दर्ज करने होते हैं। इसके बाद security code भरकर PUC Details देखी जा सकती हैं।
इससे आप अपने वाहन का:
- PUC Certificate Status
- Certificate Number
- PUC Issue Date
- Validity / Valid Upto Date
- Emission Test Details
जैसी उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं।
PUC Certificate Online Download कैसे करें?
अगर आपके वाहन का PUC Certificate पहले से system में मौजूद है तो official Parivahan PUC service से उसकी details देखकर certificate प्राप्त किया जा सकता है।
इसके लिए Registration Number और Chassis Number के आखिरी 5 characters की आवश्यकता होती है।
ध्यान रखें कि नया PUC Certificate सिर्फ online form भरकर घर बैठे बिना वाहन Test कराए नहीं बनता। नया certificate जारी करने के लिए वाहन का authorised PUC Centre पर Emission Test होना जरूरी है।
PUC Test में गाड़ी Fail हो जाए तो क्या होगा?
अगर वाहन की emission readings निर्धारित limits के अंदर नहीं आती हैं तो PUC Certificate जारी नहीं किया जाएगा।
ऐसी स्थिति में गाड़ी की समस्या को ठीक करवाकर दोबारा authorised PUC Centre पर Test कराया जा सकता है।
इसलिए अगर बार-बार PUC Test में समस्या आ रही है तो सिर्फ certificate बनवाने की कोशिश करने के बजाय vehicle servicing और emission-related problem की जांच कराना जरूरी है।
PUC Certificate में कौन-कौन सी जानकारी होती है?
Standardised PUC Certificate में वाहन और Pollution Test से संबंधित विभिन्न details दर्ज होती हैं। Form 59 में Vehicle Registration Number, manufacturing information, fuel type, emission norms, test readings और certificate validity जैसी जानकारी के लिए fields मौजूद हैं। Certificate National Register of Motor Vehicles से system generated होता है।
क्या PUCC पूरे भारत में Valid होता है?
हाँ। Central Motor Vehicles Rules के Rule 115(8) के अनुसार, जारी किया गया PUC Certificate जब तक effective है, तब तक पूरे भारत में valid होता है।
हालांकि certificate की validity और local enforcement requirements को लेकर अपने राज्य/UT के वर्तमान नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
PUC और Vehicle Insurance में क्या अंतर है?
PUC और Insurance दो अलग-अलग documents हैं।
PUC Certificate यह दिखाता है कि Test के समय वाहन का emission निर्धारित standards के अनुरूप था।
वहीं Motor Insurance वाहन से जुड़े insurance cover को दर्शाता है।
इसी तरह RC, Driving Licence, Insurance और PUC अलग-अलग vehicle/driver documents हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की FAQ में भी Driving Licence, RC, Insurance और PUC को अलग-अलग documents के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
PUC Certificate की Validity कैसे पता करें?
अगर आपके पास PUC Certificate है तो उसमें “Validity Upto” date देखें। यही वह तारीख है जिसके बाद certificate की validity समाप्त हो जाती है।
अगर certificate की physical copy आपके पास नहीं है तो official Parivahan PUC service पर Vehicle Registration Number और Chassis Number के आखिरी 5 characters से उपलब्ध PUC details check की जा सकती हैं।
निष्कर्ष
Pollution Certificate यानी PUC वाहन के लिए जरूरी compliance document है। इसे बनवाने के लिए गाड़ी को authorised PUC Centre पर ले जाकर Pollution/Emission Test कराना होता है। Test निर्धारित standards के अनुसार होने पर PUC Certificate जारी किया जाता है।
PUC की Fee पूरे देश में एक जैसी नहीं है और राज्य तथा vehicle category के अनुसार अलग हो सकती है। वहीं Central Motor Vehicles Rules के तहत सामान्य validity 6 महीने और BS-IV/BS-VI vehicles के लिए 12 महीने का प्रावधान है।
अपनी गाड़ी का PUC Expire होने से पहले Certificate की Valid Upto Date जरूर check करें। PUC बनने के बाद इसकी details official Parivahan PUC service से भी देखी जा सकती हैं।



















