PM एकता मॉल क्या है? दिल्ली के पीतमपुरा में खुलने वाले इस अनोखे मॉल में बिकेंगी सिर्फ स्वदेशी चीजें

क्या आप सोच सकते हैं कि पूरे भारत के अलग-अलग राज्यों के मशहूर उत्पाद, हस्तशिल्प, GI टैग आइटम और पारंपरिक चीजें एक ही मॉल में मिल जाएं? केंद्र सरकार की नई पहल PM एकता मॉल इसी सपने को सच करने जा रही है। इस खास मॉल में सिर्फ स्वदेशी उत्पाद ही बिकेंगे और देश के…



What is PM Unity Mall: भारत की पहचान उसकी विविधता, संस्कृति और पारंपरिक शिल्पकला से होती है। देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में ऐसे हजारों अनोखे उत्पाद बनते हैं, जिनकी खासियत दुनिया भर में मानी जाती है। लेकिन अक्सर ये स्थानीय उत्पाद बड़े बाजार तक नहीं पहुंच पाते। इसी समस्या को हल करने और स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसे PM एकता मॉल (PM Ekta Mall) या यूनिटी मॉल कहा जा रहा है।

यह योजना न केवल स्थानीय कारीगरों और छोटे उत्पादकों को नया बाजार देगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी एक ही छत के नीचे देखने का अवसर देगी। खास बात यह है कि इन मॉल में केवल भारतीय हस्तशिल्प, जीआई-टैग उत्पाद, हथकरघा और स्वदेशी वस्तुएं ही बेची जाएंगी।

दिल्ली में बनने वाला PM एकता मॉल जहां देशभर के स्वदेशी उत्पाद, GI टैग आइटम और ODOP वस्तुएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी
दिल्ली में बनने वाला PM एकता मॉल जहां देशभर के स्वदेशी उत्पाद, GI टैग आइटम और ODOP वस्तुएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी

आइए विस्तार से समझते हैं कि PM एकता मॉल क्या है, इसका उद्देश्य क्या है और दिल्ली के पीतमपुरा में बनने वाला पहला मॉल क्यों खास माना जा रहा है।


PM एकता मॉल क्या है? (What is PM Unity Mall)

PM एकता मॉल केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी रिटेल और सांस्कृतिक परियोजना है, जिसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करना और बेचना है।

सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा आधुनिक मॉल होगा जहां भारत के अलग-अलग जिलों में बनने वाले विशेष उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, GI-Tag वाले उत्पाद और स्थानीय खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे।

इस पहल को सरकार की “एक भारत श्रेष्ठ भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसी नीतियों से भी जोड़ा गया है। इसका मकसद यह है कि देश के छोटे-छोटे कारीगरों को भी बड़े शहरों में अपने उत्पाद बेचने का मौका मिल सके।

सरकार ने इस विजन के लिए लगभग 5000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है और पूरे देश में ऐसे कई यूनिटी मॉल बनाए जाने की योजना है।


“एक जिला एक उत्पाद” योजना से जुड़ा है यह मॉल

PM एकता मॉल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह One District One Product (ODOP) यानी “एक जिला एक उत्पाद” योजना को आगे बढ़ाएगा।

इस योजना के तहत भारत के हर जिले की एक खास पहचान होती है। उदाहरण के लिए –
किसी जिले में खास तरह की साड़ी बनती है, कहीं लकड़ी का शिल्प मशहूर है, तो कहीं खास मसाले या मिठाई।

लेकिन अक्सर ये उत्पाद केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रह जाते हैं। PM एकता मॉल के माध्यम से इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश की जाएगी।

मॉल में अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए समर्पित स्टॉल होंगे, जहां वे अपने जिले के विशेष उत्पादों को प्रदर्शित और बेच सकेंगे। इससे देश की पारंपरिक कला और शिल्पकला को भी बढ़ावा मिलेगा।


दिल्ली में बनने जा रहा है पहला PM एकता मॉल

दिल्ली सरकार ने भी इस महत्वाकांक्षी योजना में भाग लेते हुए राजधानी में PM एकता मॉल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस परियोजना को दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DTTDC) के माध्यम से विकसित किया जाएगा।

सरकार फिलहाल मॉल के लिए सही स्थान की तलाश कर रही है। जिन प्रमुख जगहों पर विचार किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:

  • पीतमपुरा
  • आईएनए
  • मजनू का टीला

ये सभी इलाके पहले से ही पर्यटन और लोगों की आवाजाही के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए यहां बनने वाला मॉल पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

खबरों के अनुसार पीतमपुरा में पहला PM एकता मॉल बनने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है, जिससे यह परियोजना जल्द शुरू हो सकती है।


पीएम यूनिटी मॉल का आकार और अनुमानित लागत

दिल्ली में बनने वाला प्रस्तावित PM एकता मॉल लगभग 1200 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे आधुनिक डिजाइन और भारतीय पारंपरिक वास्तुकला के मिश्रण के रूप में तैयार किया जाएगा।

इस परियोजना की लागत को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार इस पर करीब 100 से 200 करोड़ रुपये तक खर्च किया जा सकता है।

परियोजना को विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत विकसित किया जाएगा और इसके लिए एक अनुभवी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा, जो कॉन्सेप्ट डिजाइन से लेकर पूरी परियोजना के निर्माण तक तकनीकी सहायता देगा।


पीएम एकता मॉल्स में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

PM एकता मॉल केवल एक शॉपिंग सेंटर नहीं होगा, बल्कि इसे सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

यहां आने वाले लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। उदाहरण के लिए:

यहां 36 अलग-अलग स्टॉल बनाए जाएंगे, जिनमें भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। इनमें GI-टैग उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा कपड़े और स्थानीय विशेषताएं शामिल होंगी।

इसके अलावा मॉल में फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा, जहां देश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन मिल सकेंगे। इससे लोगों को एक ही जगह पर भारत के अलग-अलग स्वादों का अनुभव मिलेगा।

मॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, सम्मेलनों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी विशेष स्थान बनाए जाएंगे। यहां समय-समय पर सांस्कृतिक प्रदर्शन और कला कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

इसके साथ ही पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, ओपन स्पेस और मनोरंजन क्षेत्र जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


कारीगरों और छोटे व्यवसायों के लिए बड़ा अवसर

PM एकता मॉल का सबसे बड़ा फायदा देश के कारीगरों और छोटे उत्पादकों को मिलेगा।

भारत के गांवों और छोटे शहरों में लाखों लोग हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक उत्पाद बनाते हैं। लेकिन बाजार की कमी और मार्केटिंग की सीमाओं के कारण उन्हें अक्सर उचित कीमत नहीं मिल पाती।

यूनिटी मॉल बनने के बाद कारीगरों को राजधानी जैसे बड़े बाजार में सीधे अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलेगा। इससे उनकी आय बढ़ेगी और पारंपरिक कला भी संरक्षित रहेगी।

इसके अलावा यह पहल ग्रामीण कारीगर नेटवर्क को मजबूत करने में भी मदद करेगी।


पर्यटन को भी मिलेगा बड़ा बढ़ावा

दिल्ली पहले से ही भारत का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र है। हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते हैं।

PM एकता मॉल बनने के बाद पर्यटकों को एक ही स्थान पर पूरे भारत की संस्कृति, कला और उत्पाद देखने का मौका मिलेगा। इससे यह जगह एक नए पर्यटन आकर्षण के रूप में उभर सकती है।

पर्यटक यहां से भारत के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक उत्पाद खरीद सकेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।


“स्वदेशी” को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

आज के समय में भारत में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार भी लगातार “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है।

PM एकता मॉल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि लोगों को स्थानीय और पारंपरिक वस्तुओं की ओर आकर्षित भी करेगा

इस पहल के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कारीगरी को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।


PM एकता मॉल सिर्फ एक शॉपिंग मॉल नहीं बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी उत्पादों का विशाल मंच बनने जा रहा है। यहां देश के हर राज्य और जिले की खासियत एक ही जगह पर देखने को मिलेगी।

दिल्ली के पीतमपुरा में बनने वाला पहला PM एकता मॉल इस योजना की शुरुआत का प्रतीक होगा। अगर यह परियोजना सफल रहती है तो आने वाले समय में देश के कई बड़े शहरों में ऐसे यूनिटी मॉल देखने को मिल सकते हैं।

इससे न केवल कारीगरों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि भारत की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिलेगी।

यानी आने वाले समय में PM एकता मॉल भारत की आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

DelhiPM Ekta Mall

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