
PM Kisan Yojana 2026 Farmer ID Mandatory: नया साल 2026 किसानों के लिए कई मायनों में खास साबित होने वाला है। एक तरफ जहां सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगातार तीन किस्तें जारी करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ नियमों में एक बड़ा बदलाव भी लागू किया जा रहा है। यह बदलाव सीधे तौर पर किसानों की जेब से जुड़ा हुआ है। अगर आपने समय रहते इस नए नियम को पूरा नहीं किया, तो आपकी आने वाली 22वीं किस्त के ₹2000 अटक सकते हैं।
देश के करोड़ों किसान पीएम किसान योजना पर भरोसा करते हैं। बीज खरीदने से लेकर खाद, सिंचाई और रोजमर्रा के छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि कई बार बड़ी राहत बन जाती है। ऐसे में अगर किसी तकनीकी वजह से यह पैसा रुक जाए, तो परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। सरकार भी यही चाहती है कि योजना का लाभ सही और वास्तविक किसानों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से अब पीएम किसान योजना में ‘Farmer ID’ को अनिवार्य किया जा रहा है।
पीएम किसान योजना क्यों है किसानों के लिए जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। खेती आज भी पूरी तरह जोखिम पर आधारित है। मौसम की मार, बाजार में दामों का उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है। इन हालात में सरकार सालाना 6000 रुपये की सहायता सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजती है।
यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है और हर चार महीने में 2000 रुपये किसानों को मिलते हैं। डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पैसा सीधे खाते में आने से बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और पारदर्शिता बनी रहती है। अब तक इस योजना के तहत करोड़ों किसानों को लाभ मिल चुका है।
2026 में क्या बदला है पीएम किसान योजना में
साल 2026 की शुरुआत के साथ सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ पंजीकरण या आधार लिंक होना ही काफी नहीं होगा। अब पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए यूनिक Farmer ID होना जरूरी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि जिन किसानों के पास Farmer ID नहीं होगी, उनकी आने वाली किस्त रोकी जा सकती है।
यह बदलाव अचानक नहीं किया गया है। पिछले कुछ समय से सरकार खेती से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रही है। Farmer ID इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह किसान की एक डिजिटल पहचान होगी, जिससे सरकार को यह पता चलेगा कि कौन किसान है, उसके पास कितनी जमीन है और वह किस तरह की खेती करता है।
क्या है Farmer ID और क्यों है जरूरी
Farmer ID को किसान की यूनिक डिजिटल पहचान माना जा रहा है। इसमें किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी, बोई जाने वाली फसल, खाद और उर्वरक का उपयोग, पशुपालन से जुड़ा विवरण और अन्य कृषि गतिविधियों की जानकारी शामिल होती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले।
सरकार लंबे समय से यह कोशिश कर रही है कि फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जाए। Farmer ID के जरिए यह काम काफी हद तक आसान हो जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से भी यह संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में सभी राज्यों में इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा।
Farmer ID से किसानों को क्या फायदा होगा
Farmer ID सिर्फ पीएम किसान योजना तक सीमित नहीं रहने वाली है। यह भविष्य में किसानों के लिए एक तरह की मास्टर चाबी बन सकती है। एक ही पहचान के जरिए किसानों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत खत्म होगी और सब्सिडी या बीमा से जुड़े काम भी आसान हो जाएंगे।
खाद और बीज की सब्सिडी सही किसान तक पहुंचेगी, फसल बीमा का क्लेम करने में कम परेशानी होगी और सरकार के पास किसानों का सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा। इससे योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना दोनों आसान हो जाएगा।
Farmer ID बनवाने के लिए क्या जरूरी है
Farmer ID बनवाने की प्रक्रिया को ज्यादा जटिल नहीं रखा गया है, ताकि ग्रामीण इलाकों के किसान भी आसानी से इसे पूरा कर सकें। आधार कार्ड इस प्रक्रिया का सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि पहचान सत्यापन आधार के जरिए ही किया जाता है। आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना भी जरूरी है ताकि ओटीपी के माध्यम से eKYC पूरी की जा सके।
इसके अलावा जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे खसरा, खतौनी या जमाबंदी की जरूरत पड़ती है। कुछ राज्यों में फैमिली आईडी या राशन कार्ड की जानकारी भी मांगी जा सकती है। सरकार पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर भी किसानों की Farmer ID बनवाने में मदद कर रही है, ताकि उन्हें दूर-दराज न जाना पड़े।
Farmer ID कैसे बनवाएं?
जो किसान ऑनलाइन प्रक्रिया से सहज हैं, वे अपने राज्य के AgriStack या संबंधित कृषि पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां आधार के जरिए eKYC पूरी करनी होती है। इसके बाद जमीन की जानकारी और परिवार से जुड़ा विवरण जोड़ा जाता है। सारी जानकारी सही होने पर संबंधित विभाग इसकी जांच करता है और फिर यूनिक Farmer ID जारी कर दी जाती है।
अगर किसी किसान के पास अलग-अलग जगह पर खेत हैं, तो सभी खेतों की जानकारी एक ही Farmer ID में जोड़नी होती है। इससे भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में आसानी होती है। जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते, वे नजदीकी सीएससी सेंटर या पंचायत कैंप की मदद ले सकते हैं।
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त कब आएगी
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त कब जारी होगी। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन पिछले पैटर्न को देखें तो हर किस्त के बीच करीब चार महीने का अंतर रहता है। पिछली किस्त नवंबर 2025 में आई थी, ऐसे में माना जा रहा है कि फरवरी 2026 में 22वीं किस्त जारी की जा सकती है।
इसके बाद जुलाई 2026 में 23वीं किस्त और नवंबर 2026 में 24वीं किस्त आने की संभावना जताई जा रही है। यानी पूरे साल किसानों को लगातार आर्थिक मदद मिलती रहेगी, बशर्ते उन्होंने सभी जरूरी शर्तें पूरी कर रखी हों।
समय रहते काम पूरा करना क्यों है जरूरी
अगर आप चाहते हैं कि 22वीं, 23वीं और 24वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो Farmer ID बनवाना और eKYC पूरा करना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस साफ है कि पैसा सही किसान तक पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
कई बार देखा गया है कि छोटी सी लापरवाही की वजह से किसानों की किस्त अटक जाती है और फिर महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में समझदारी यही है कि समय रहते सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। 2026 में पीएम किसान योजना किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बनने वाली है, बस जरूरत है सही समय पर सही कदम उठाने की।
















